*‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत गुरुग्राम में प्रबुद्ध जन गोष्ठी, कैप्टन अभिमन्यु ने किया संबोधित*
*लोकतंत्र, सुशासन और राष्ट्रहित पर कैप्टन अभिमन्यु ने रखे विचार, संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर दिया जोर*
गुरुग्राम ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के अंतर्गत गुरुग्राम के सोहना रोड स्थित जीएनएच (GNH) कन्वेंशन सेंटर में प्रबुद्ध जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने उपस्थित प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए लोकतंत्र की मजबूती, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, सुशासन एवं राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे।
भाजपा गुरुग्राम के जिला मीडिया प्रभारी अजय दुआ ने जानकारी देते हुए बताया कि कैप्टन अभिमन्यु ने अपने संबोधन में लोकतांत्रिक व्यवस्था में जन-जागरूकता, सकारात्मक संवाद एवं नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जागरूक नागरिकों, संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने में निहित होने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, सोहना विधायक तेजपाल तंवर, जिला प्रभारी संदीप जोशी, पूर्व प्रदेश सचिव गार्गी कक्कड़, कार्यक्रम संयोजक पार्षद कुलदीप यादव, प्रदेश एन जी ओ प्रकोष्ठ सयोंजक बोधराज सीकरी, वीटा डायरी चेयरमैन राम अवतार गर्ग, जिला महामंत्री अजीत यादव एवं मनीष सैदपुर, जिला मीडिया सह प्रभारी कृतिक जैन सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिकों, गणमान्य व्यक्तियों एवं भाजपा पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
गोष्ठी के दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने, संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने, सुशासन को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-मंथन हुआ। वक्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण और समाज में सकारात्मक एवं रचनात्मक संवाद को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
भाजपा गुरुग्राम जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी ने प्रबुद्ध जन गोष्ठी को लोकतांत्रिक चेतना के विस्तार और राष्ट्रहित में सकारात्मक संवाद का महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती के लिए जागरूक समाज, संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ती है तथा राष्ट्रहित और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श को नई दिशा मिलती है।


