देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में विधानसभा सत्र के बाद देहरादून लौटते समय श्रीनगर-देवप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी के उपचारात्मक कार्यों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने मौके पर चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित इंजीनियरों से कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़कें आवागमन का प्रमुख माध्यम होने के साथ ही पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना और संवेदनशील स्थलों पर आवश्यक उपचारात्मक कार्यों को प्रभावी ढंग से संपन्न करना जरूरी है. उन्होंने निर्माण कार्यों से जुड़े अधिकारियों और इंजीनियरों को निर्देशित किया कि कार्यों की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए और निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी निर्माण कार्य की सफलता उसकी गुणवत्ता, समयबद्धता और उपयोगिता से निर्धारित होती है. इसलिए संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उपचारात्मक कार्य प्रभावी और टिकाऊ हों. सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में विशेष सतर्कता बरतते हुए तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप सभी जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए.
मुख्यमंत्री धामी ने मौके पर कार्य कर रहे इंजीनियरों एवं श्रमिकों से सीधे संवाद कर विकास कार्यों में उनकी भूमिका के महत्व को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने में तकनीकी विशेषज्ञों, इंजीनियरों और श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान है. उनके समर्पण, परिश्रम और तकनीकी दक्षता से ही विकास परियोजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाता है. इस दौरान उन्होंने इंजीनियरों और श्रमिकों के साथ फोटो भी खिंचवाई.
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सड़क सुविधाओं को सुरक्षित, सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुधार एवं उपचारात्मक कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि आमजन को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके.


