Close Menu
Human India News

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अब कोई बाधा नहीं, विकास की गति होगी और तेज : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

    September 23, 2026

    आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी दे रहे बढ़ावा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

    September 23, 2026

    मायावती ने ईशान आनंद को बनाया BSP का नेशनल कोऑर्डिनेटर

    September 23, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    Wednesday, September 23
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Human India News
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • प्रदेश
      • उत्तर प्रदेश
      • चंडीगढ़
      • दिल्ली
      • राजस्थान
      • हरियाणा
    • शहर
      • गाजियाबाद
      • गुरुग्राम
      • दिल्ली
      • फरीदाबाद
    • राजनीति
    • खेल
    • मनोरंजन
    • आस्था
    • वीडियो
    • लाइफ स्टाइल
    • अन्य
      • बिजनेस
      • संपादकीय
    • ई-पेपर
      • 2023
    • संपर्क सूत्र
    Human India News
    Home » सेवा की कहानी : तीर-धनुष से टेक्नोलॉजी तक किसन की उड़ान, दंतेवाड़ा के जंगलों में बसे गांव का पहला ग्रेजुएट, आज नवा रायपुर में आईटी सेक्टर में बना रहा अपनी पहचान…..

    सेवा की कहानी : तीर-धनुष से टेक्नोलॉजी तक किसन की उड़ान, दंतेवाड़ा के जंगलों में बसे गांव का पहला ग्रेजुएट, आज नवा रायपुर में आईटी सेक्टर में बना रहा अपनी पहचान…..

    News DeskBy News DeskSeptember 23, 20260 Views देश

    रायपुर: किसने सोचा था कि जंगलों से घिरे एक छोटे से गांव में मवेशी चराने और तीर-धनुष चलाने वाला एक बच्चा एक दिन कंप्यूटर की दुनिया में अपना भविष्य बनाएगा। किसने सोचा था कि जिस गांव से कॉलेज तक पहुंचना ही किसी युवा के लिए बड़ी उपलब्धि हो, उसी गांव का एक लड़का आज आईटी सेक्टर में काम करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में योगदान देने का सपना देखेगा। यह कहानी है दंतेवाड़ा जिले के ग्राम तेलम के 23 वर्षीय किसन मंडावी की।

    दंतेवाड़ा से करीब 40 किलोमीटर दूर कटेकल्याण तहसील का ग्राम तेलम जंगलों से घिरा हुआ है। गांव तक पहुंचने के लिए डंकिनी नदी को पार करना पड़ता है। करीब 200 से 300 घरों और लगभग एक हजार की आबादी वाले इस गांव में किसन आज उम्मीद की नई किरण हैं। वे गांव के पहले ऐसे युवा हैं, जिन्होंने कॉलेज तक पहुंचकर स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

    *बचपन में छूटा माता-पिता का साया, चाचा ने संभाला हाथ*

    किसन के बचपन में ही उनके माता-पिता का निधन हो गया। इसके बाद उनके चाचा ने उन्हें संभाला और उनकी परवरिश की। बचपन में किसन स्कूल जाते और साथ-साथ मवेशी भी चराते थे। गांव के दूसरे बच्चों की तरह दोस्तों और परिवार के साथ तीर-धनुष चलाना और छोटे-मोटे शिकार करना भी उनके बचपन का हिस्सा था।

    लेकिन परिस्थितियां उनके सपनों की राह आसान नहीं कर रही थीं। पोलियो के कारण उन्हें बैसाखी का सहारा लेना पड़ता था। गांव में सुविधाओं का अभाव था और उच्च शिक्षा के लिए घर से दूर जाना अपने आप में बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद किसन ने इन परिस्थितियों को अपनी मंजिल के बीच दीवार नहीं बनने दिया।

    *गोंडी-हल्बी से शुरू हुआ सफर, फिर सीखी हिंदी और अंग्रेजी*

    किसन की शुरुआती दुनिया गोंडी और हल्बी भाषा तक सीमित थी। हिंदी भी आसानी से समझ में नहीं आती थी। लेकिन शिक्षा ने धीरे-धीरे उनके सामने नई दुनिया के दरवाजे खोल दिए।

    गांव से प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद किसन ने आगे की पढ़ाई जवांगा एजुकेशन सिटी से की। यहीं उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी सीखी और पहली बार कंप्यूटर की दुनिया से परिचित हुए। कंप्यूटर के प्रति बढ़ती रुचि ने उनके सपनों को एक नई दिशा दी। इसके बाद उन्होंने कंप्यूटर साइंस में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। आज वे नवा रायपुर में आईटी सेक्टर में सेवाएं दे रही हैदराबाद की कंपनी स्क्वायर बिजनेस में काम कर रहे हैं।

    *दूर गांव से निकला युवा, अब अपने ही राज्य में रोजगार*

    किसन की कहानी केवल व्यक्तिगत संघर्ष और सफलता की कहानी नहीं है। यह उस बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर भी दिखाती है, जहां दूरस्थ अंचलों के युवाओं के लिए आधुनिक क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के विजन के अनुरूप नवा रायपुर अटल नगर को आधुनिक सुविधाओं, निवेश और रोजगार के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आईटी सेक्टर के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के संस्थानों और गतिविधियों को नवा रायपुर में स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में आधुनिक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिल सकें।

    किसन मंडावी के लिए नवा रायपुर में मिला रोजगार इसी बदलते अवसर की एक तस्वीर है। दंतेवाड़ा के दूरस्थ गांव से निकलकर पढ़ाई पूरी करने वाले किसन को अपने सपनों के लिए दूसरे राज्य में जाकर बसने की जरूरत नहीं पड़ी। आज वे अपने ही राज्य में आईटी क्षेत्र में काम कर रहे हैं और भविष्य में तकनीक के क्षेत्र में और आगे बढ़ने का सपना देख रहे हैं।

    *जहां कभी बाहर जाने का डर था, वहीं शिक्षा ने दिखाई नई राह*

    किसन का सफर केवल आर्थिक और भौगोलिक चुनौतियों से नहीं भरा था। घर से बाहर पढ़ने जाने पर सुरक्षा को लेकर भी चिंता रहती थी। नक्सल प्रभावित क्षेत्र से आने वाले किसन के सामने कई बार यह डर भी रहा कि कहीं बाहर पढ़ने जाने पर उन्हें मुखबिरी के शक में कोई नुकसान न पहुंचा दे।

    लेकिन शिक्षा हासिल करने की उनकी इच्छा इन आशंकाओं से बड़ी थी। उन्होंने आगे बढ़ना जारी रखा। आज उसी संघर्ष का परिणाम है कि वे तकनीक की दुनिया में अपना करियर बना रहे हैं।

    *किसन कहते हैं—अब सपनों के लिए बाहर जाना जरूरी नहीं*

    किसन कहते हैं कि उनके जैसे अनेक युवा आईटी और इससे जुड़े क्षेत्रों में काम करने का सपना देखते हैं, लेकिन हर किसी के लिए हैदराबाद, पुणे या बेंगलुरु जैसे शहरों में जाकर काम करना संभव नहीं होता। उनके लिए यह खुशी की बात है कि नवा रायपुर में आईटी क्षेत्र का विस्तार हो रहा है और राज्य के अलग-अलग जिलों के युवा यहां काम कर रहे हैं।

    उनका मानना है कि आने वाले समय में देश के अलग-अलग हिस्सों से युवा यहां आकर काम कर सकेंगे। उनके लिए यह केवल रोजगार का अवसर नहीं, बल्कि अपने राज्य में रहकर बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का रास्ता है।

    *नवा रायपुर में दिखता है अपना दंतेवाड़ा*

    आईटी सेक्टर में काम करने के साथ किसन को अपने गांव और दंतेवाड़ा की याद भी आती है। वे कहते हैं कि जब भी गांव की याद आती है, वे शहर में घूमने निकल जाते हैं। यहां की हरियाली और साफ हवा उन्हें अपने दंतेवाड़ा की याद दिलाती है। सेंध लेक पर दोस्तों के साथ सूर्यास्त देखना उन्हें पसंद है। जंगल सफारी घूमना भी उन्हें अच्छा अनुभव देता है। जब घर की याद कुछ ज्यादा आती है तो वे ट्राइबल म्यूजियम पहुंच जाते हैं। वहां की संस्कृति और परंपराओं को देखकर उन्हें अपने गांव का एहसास होता है। वह कहता है कि “ऐसा लगता है जैसे मैं कुछ समय के लिए घर लौट आया हूं।”

    *अब नौकरी से आगे, एआई के जरिए मातृभाषा को जोड़ने का सपना*

    किसन सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं रहना चाहते। उनका सपना है कि वे भारत सरकार के साथ काम करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में योगदान दें। उनका सपना ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित करने का है, जिससे दिल्ली में बैठा कोई व्यक्ति यदि हिंदी या अंग्रेजी में बात करे, तो दंतेवाड़ा के गांव में बैठा व्यक्ति उसे गोंडी या हल्बी भाषा में रियल टाइम में समझ सके। यह सपना केवल तकनीक का नहीं, बल्कि अपनी मातृभाषा और संस्कृति को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का भी है।

    *“मातृभाषा में बड़ी ताकत होती है”*

    किसन कहते हैं कि जब वे गांव लौटकर अपनी भाषा में लोगों से बात करते हैं तो उन्हें अपनापन महसूस होता है। गांव के लोगों को भी लगता है कि उनके बीच का ही एक लड़का पढ़-लिखकर आगे बढ़ा है और अब उन्हें बेहतर भविष्य की राह दिखा सकता है। उनके लिए यही सबसे बड़ी उपलब्धि है।

    *आदिवासी बेटियां भी आगे बढ़ें, यही है सपना*

    किसन चाहते हैं कि उनके समाज की बेटियां भी शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ें। उनका कहना है कि आदिवासी समाज में लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव नहीं होना चाहिए और शासन के सहयोग से अधिक से अधिक आदिवासी बेटियां शिक्षित होकर अपने सपनों को पूरा करें।

    उनकी अपनी कहानी अब केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं रह गई है। यह उनके गांव और आसपास के युवाओं के लिए एक उदाहरण बन गई है कि शिक्षा के रास्ते पर चलकर जंगल और दूरदराज के गांवों से भी बड़े सपनों तक पहुंचा जा सकता है।

    *तीर से टेक्नोलॉजी तक—बदलते छत्तीसगढ़ की एक तस्वीर*

    किसन मंडावी की कहानी सिर्फ एक युवा के आईटी सेक्टर तक पहुंचने की कहानी नहीं है। यह उस बदलाव की कहानी है, जहां जंगल से घिरे गांव का एक बच्चा शिक्षा के सहारे अपनी दुनिया का विस्तार करता है। जहां बचपन में हाथ में तीर-धनुष था, वहीं आज उसी हाथ में कंप्यूटर की तकनीक है। जहां कभी हिंदी समझना भी चुनौती थी, वहीं आज अंग्रेजी और तकनीकी ज्ञान के साथ वह आईटी क्षेत्र में काम कर रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युवाओं के लिए नए अवसरों का विस्तार और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के विजन के अनुरूप नवा रायपुर को रोजगार, निवेश और आधुनिक क्षेत्रों के नए केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास किसन जैसे युवाओं के सपनों को अपने ही प्रदेश में आकार देने का अवसर दे रहे हैं।

    किसन की यात्रा बताती है कि सुविधाओं का अभाव मंजिल को कठिन जरूर बना सकता है, लेकिन शिक्षा, हौसले और अवसर की ताकत रास्ते खोल सकती है। आज तीर-धनुष से शुरुआत करने वाला यह युवा टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है और उसके सपने अब उसके गांव की सीमाओं तक सीमित नहीं हैं।

    किसन की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए उम्मीद का संदेश है, जो दूरस्थ गांवों में रहते हुए भी आधुनिक दुनिया में अपनी पहचान बनाने का सपना देखते हैं—कि अवसर मिले तो गांव की पगडंडी से निकलकर टेक्नोलॉजी की दुनिया तक भी पहुंचा जा सकता है।

    Related Posts

    विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अब कोई बाधा नहीं, विकास की गति होगी और तेज : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

    September 23, 2026

    आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी दे रहे बढ़ावा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

    September 23, 2026

    मायावती ने ईशान आनंद को बनाया BSP का नेशनल कोऑर्डिनेटर

    September 23, 2026

    बंगाल की खाड़ी में साइक्लोन का खतरा, आंध्र-ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट

    September 23, 2026

    Uttarakhand News: मां नंदा-सुनंदा के दरबार में पहुंचे CM धामी, आस्था और परंपरा के साथ मातृशक्ति के सशक्तिकरण पर जोर…..

    September 23, 2026

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं उप मुख्यमंत्री अरूण साव 24 सितंबर को कवर्धा में 4 लेन सड़क एवं डिवाईडर निर्माण का करेंगे भूमिपूजन….

    September 23, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    टॉप न्यूज़

    गुड़गांव लोकसभा के सभी विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत ब्यौरा, किसे कितनी वोट मिली…

    June 4, 202475 Views

    गुरूग्राम की चारों विधानसभा के लिए 47 प्रत्याशी मैदान में, 15 उम्मीदवारों ने वापिस लिया नामांकन

    September 16, 202472 Views

    फरुखनगर में सबसे अधिक 76.7 और सोहना में सबसे कम 35.9 प्रतिशत पोलिंग

    March 2, 202536 Views
    Most Popular

    गुड़गांव लोकसभा के सभी विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत ब्यौरा, किसे कितनी वोट मिली…

    June 4, 202475 Views

    गुरूग्राम की चारों विधानसभा के लिए 47 प्रत्याशी मैदान में, 15 उम्मीदवारों ने वापिस लिया नामांकन

    September 16, 202472 Views

    फरुखनगर में सबसे अधिक 76.7 और सोहना में सबसे कम 35.9 प्रतिशत पोलिंग

    March 2, 202536 Views
    About Us

    www.humanindianews.com एक तेजी से बढ़ता हुआ हिंदी समाचार पोर्टल है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विविध हिन्दी पाठक वर्ग तक विश्वसनीय, प्रामाणिक और निष्पक्ष समाचार पहुंचाना इसका परम उद्देश्य है। यह अन्य भाषाई वेबसाइटों की तुलना में अधिक विविधतापूर्ण समाचार और इन्फोटेन्मेंट कंटेंट उपलब्ध कराता है। समर्पित संपादकीय टीम पोर्टल पर विशेष और विस्तृत कंटेंट उपलब्ध कराता है। हमारी कोशिश है कि साइट 24 घंटे अपडेट रहे और हर बड़ी घटना तत्काल पाठकों तक पहुंच सके।

    समाचारों के अलावा www.humanindianews.com हर वर्ग के पाठकों को प्रतिदिन शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, मनोरंजन, विज्ञान-तकनीकी, राजनीति, साहित्य, व्यवसाय व खेल समेत जीवन की हर अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रुचिकर और विस्तृत सामग्री उपलब्ध कराता है।

    Contact Us

    OFFICE ADDRESS
    45/5 Pyare Lal Building Near Govt. Girls College Sector 14 M.G Road Gurugram -122001

    CHIEF EDITOR
    Umesh Garg

    CONTACT NO.
    +91-9212356812, 9999384844

    EMAIL
    info@humaninidanews.com

    WEB ADDRESS
    www.humanindianews.com

    Human India News
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Contact Us
    © 2026 Designed by NM Media Solutions.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.