Close Menu
Human India News

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    लू को प्राकृतिक आपदा घोषित करने का बड़ा फैसला! अब कुल 14 आपदाएं, जानें किसे और क्या मिलेगा फायदा

    August 15, 2026

    Apple Pay India Launch: सितंबर-अक्टूबर में हो सकती है एंट्री, शुरुआत में UPI सपोर्ट नहीं

    August 15, 2026

    तलाक हुआ तो जॉर्जिना को हर महीने मिलेंगे ₹1.10 करोड़! रोनाल्डो के साथ करोड़ों की डील की रिपोर्ट

    August 15, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    Saturday, August 15
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Human India News
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • प्रदेश
      • उत्तर प्रदेश
      • चंडीगढ़
      • दिल्ली
      • राजस्थान
      • हरियाणा
    • शहर
      • गाजियाबाद
      • गुरुग्राम
      • दिल्ली
      • फरीदाबाद
    • राजनीति
    • खेल
    • मनोरंजन
    • आस्था
    • वीडियो
    • लाइफ स्टाइल
    • अन्य
      • बिजनेस
      • संपादकीय
    • ई-पेपर
      • 2023
    • संपर्क सूत्र
    Human India News
    Home » लू को प्राकृतिक आपदा घोषित करने का बड़ा फैसला! अब कुल 14 आपदाएं, जानें किसे और क्या मिलेगा फायदा

    लू को प्राकृतिक आपदा घोषित करने का बड़ा फैसला! अब कुल 14 आपदाएं, जानें किसे और क्या मिलेगा फायदा

    News DeskBy News DeskAugust 15, 20261 Views देश

    नई दिल्ली

    केंद्र सरकार ने देश में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी के संकट को देखते हुए एक ऐतिहासिक और संवेदनशील फैसला लिया है। यानी केंद्र सरकार ने लू (हीटवेव) को एक 'अधिसूचित प्राकृतिक आपदा' (Notified Natural Calamity) के रूप में मान्यता दे दी है। यह फैसला देश के उन करोड़ों अत्यंत संवेदनशील लोगों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है, जो हर साल चिलचिलाती धूप और जानलेवा गर्मी का सामना करने को मजबूर होते हैं। चाहे वे मजदूर हों या बेसहारा गरीब या दोहरी शिफ्ट में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर या तंग बस्तियों में रहने वाले लोग। अब इस ऐतिहासिक कदम के बाद राज्य सरकारें गर्मी से लोगों की जान बचाने और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए विशेष केंद्रीय आपदा फंड का उपयोग कर सकेंगी।

    4 अगस्त को भारत ने लू और बिजली गिरने की घटना को प्राकृतिक आपदा घोषित किया। यानी पहले से मौजूद 12 अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं की सूची में लू और बिजली गिरने की घटना को भी शामिल कर लिया गया है, जिससे यह सूची 14 आपदाओं की हो गई। शमन कोष के दिशा-निर्देशों में 2024 में किए गए संशोधन के साथ, इस कदम से लू पूरी तरह से भारत के आपदा फ़ाइनेंसिंग सिस्टम के दायरे में आ गई है। इससे पहले जून 2026 में, गृह मंत्रालय ने 2026 से 2031 तक की अवधि के लिए राज्य और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष के लिए नए ऑपरेशनल दिशा-निर्देश जारी किए थे। इससे पहले तक अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं की लिस्ट में भूकंप, बाढ़, सूखा, सुनामी, चक्रवात या तूफान, भूस्खलन, कीड़ों का हमला, जंगल की आग, हिमस्खलन, शीतलहर या पाला, बादल फटना और ओलावृष्टि शामिल था।
    फंडिंग का खुला रास्ता: अब जमीनी स्तर पर दिखेगा ठोस काम

    राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के प्रमुख कृष्ण एस. वत्सा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि हाल के दिनों में हीटवेव एक बेहद गंभीर खतरे के रूप में उभरी है। इसलिए सरकार के लिए जरूरी है कि वह लॉन्ग टर्म को ध्यान में रखते हुए इस पर काम करे और ज़रूरी संसाधन मुहैया कराए। वत्सा ने बताया, "एक बार आपदा के तौर पर घोषित होने के बाद, राज्य सरकारें बिजली गिरने और लू यानी दोनों से निपटने और उनके असर को कम करने के लिए 'स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फंड' (SDRF) और 'स्टेट डिज़ास्टर मिटिगेशन फंड' (SDMF) का इस्तेमाल कर पाएँगे। चूँकि हाल के समय में ये समस्याएँ तेज़ी से बढ़ी हैं, इसलिए सभी स्तरों पर सरकार के लिए जरूरी है कि वह पर्याप्त संसाधनों के साथ लंबे समय के लिए इनका समाधान करे। यह एक ऐसा कदम होगा जिसका लंबे समय तक सकारात्मक असर पड़ेगा।"
    फंड जुटाना होगा आसान

    उन्होंने आगे कहा, "अब तक, इस पर प्रतिक्रिया ज़्यादातर योजनाओं, रूपरेखाओं और जागरूकता तक ही सीमित रही है; अब ज़मीनी स्तर पर ठोस उपायों की ज़रूरत है, और यह फंड आवंटन ठीक इसी काम के लिए संसाधन तय करने का एक अच्छा मौका देता है।" योजना कैसे काम करेगी, इस बारे में बताते हुए वत्सा ने कहा कि सरकार की फंडिंग 'सीड मनी' (शुरुआती पूंजी) की तरह काम करती है। यह एक शुरुआती मदद है जो शहरों को 'हीट एक्शन प्लान' (HAP) बनाने में मदद करती है, जिससे नागरिकों, CSR और दूसरी योजनाओं से अतिरिक्त फंड जुटाना आसान हो जाता है।
    हीट एक्शन प्लान लागू करने में होगी सुविधा

    वत्सा ने कहा, "अगर कोई शहर या शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, या नगर निगम 'कूलिंग शेल्टर' बनाना चाहता है, ज़्यादा पानी के पॉइंट बनाना चाहता है, या सार्वजनिक जगहों पर गर्मी से राहत देने वाली सुविधाएँ बेहतर करना चाहता है, तो इन संसाधनों का इस्तेमाल ऐसे कामों में किया जा सकता है। यह एक शुरुआती मदद की तरह काम करता है, जिसका इस्तेमाल करके दूसरे स्रोतों से और संसाधन जुटाए जा सकते हैं।" उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और नगर निगम स्थानीय स्तर पर HAP लागू करने और यह तय करने के लिए ज़िम्मेदार हैं कि संसाधन कहाँ से जुटाए जाएँ और कहाँ निवेश किए जाएँ। वत्सा ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि इससे अगले पांच सालों में और ज़्यादा HAP (हीट एक्शन प्लान) और स्थानीय उपाय लागू होंगे, साथ ही तापमान बढ़ने के पीछे के जलवायु संबंधी कारणों को भी बेहतर ढंग से समझा जाएगा।"
    बजट की पुरानी बाधाएं हुईं खत्म

    'काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर' (CEEW) के संस्थापक-सीईओ अरुणाभ घोष ने इस फैसले के वित्तीय महत्व को समझाते हुए एक बड़ी बात बताई। उन्होंने कहा कि पहले कोई भी राज्य अपने स्तर पर हीटवेव को आपदा घोषित तो कर सकता था, लेकिन वे SDRF के केवल 10 प्रतिशत और SDMF के केवल 20 प्रतिशत फंड का ही इस्तेमाल कर पाते थे। केंद्र की इस नई अधिसूचना ने इस वित्तीय सीमा और नीतिगत अस्पष्टता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।
    जमीनी स्तर पर क्या बदलाव दिखेंगे?

    इस सरकारी फंड का उपयोग शहरों और जिलों में 'हीट एक्शन प्लान' (HAPs) को लागू करने के लिए 'सीड मनी' (प्रारंभिक सहायता राशि) के तौर पर किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन इस राशि का उपयोग करके कूलिंग शेल्टर (ठंडे आश्रय स्थल) का निर्माण कर सकेंगे। सार्वजनिक स्थानों पर पीने के पानी के नए केंद्र स्थापित कर सकेंगे। सार्वजनिक क्षेत्रों में थर्मल आराम (Thermal Comfort) और छांव की व्यवस्था कर सकेंगे। ितना ही नहीं, इस सरकारी मदद के जरिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) और अन्य योजनाओं से अतिरिक्त फंड आकर्षित किया जा सकेगा। इससे गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों, राहगीरों को बड़ी राहत मिलेगी।
    स्वास्थ्य प्रणाली का सुदृढ़ीकरण होगा

    एम्स (AIIMS) दिल्ली के चिकित्सक डॉ. हर्षल रमेश साल्वे ने जोर देकर कहा कि हीटवेव के असर को रोकना और इलाज करना बहुत कठिन नहीं है, इसके लिए केवल प्राथमिकता और संवेदनशील लोगों की पहचान की जरूरत है। उन्होंने बताया कि बीमारी के कारण गरीबों पर होने वाले भारी खर्च को रोकने के लिए अगर सरकारी पुनर्वास और वित्तीय सहायता दी जाए, तो इससे देश के आर्थिक और स्वास्थ्य ढांचे दोनों को मजबूती मिलेगी।

    राष्ट्रीय और राज्य नीतियों का तालमेल दिखेगा
    'नेचुरल रिसोर्सेज डिफेंस काउंसिल' (NRDC) के अभियंत तिवारी ने इस कदम की तुलना कोविड-19 महामारी से की। उन्होंने कहा कि आपदा घोषित होने से पूरी प्रणाली एकजुट और समन्वित होकर काम करती है। यह कानूनी अधिसूचना अब हीट एक्शन प्लान को राष्ट्रीय स्तर पर नीतिगत, कानूनी और वित्तीय (SDRF, NDRF, SDMF, NDMF के जरिए) ताकत देगी। चूंकि, भारत एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है जहां बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है और कार्यबल का एक बड़ा हिस्सा खुले आसमान के नीचे काम करता है। ऐसे में यह कदम असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सीधा फायदा पहुंचा सकता है।

     

    Related Posts

    झीरम पहुंच उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, शहीदों की स्मृति में किया पौधारोपण, कहा- बस्तर अब खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है…..

    August 15, 2026

    देशभक्ति के रंग में रंगी देवभूमि, सीएम धामी ने परेड ग्राउंड में फहराया तिरंगा; की सात घोषणाएं

    August 15, 2026

    जवानों के शौर्य ने लिखा बस्तर का नया इतिहास: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा…..

    August 15, 2026

    PM-KUSUM-2 पर किसानों को बड़ी राहत, सोलर पंप से होगी सिंचाई; खाली खेत से भी होगी कमाई

    August 15, 2026

    बस्तर क्रिएटर हब स्टूडियो का उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया शुभारंभ….

    August 15, 2026

    ‘WhatsApp-ईमेल पर दे रहे तलाक’, SC में ‘Virtual Divorce’ मामले पर 27 अक्टूबर को सुनवाई

    August 15, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    टॉप न्यूज़

    गुड़गांव लोकसभा के सभी विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत ब्यौरा, किसे कितनी वोट मिली…

    June 4, 202475 Views

    गुरूग्राम की चारों विधानसभा के लिए 47 प्रत्याशी मैदान में, 15 उम्मीदवारों ने वापिस लिया नामांकन

    September 16, 202460 Views

    फरुखनगर में सबसे अधिक 76.7 और सोहना में सबसे कम 35.9 प्रतिशत पोलिंग

    March 2, 202536 Views
    Most Popular

    गुड़गांव लोकसभा के सभी विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत ब्यौरा, किसे कितनी वोट मिली…

    June 4, 202475 Views

    गुरूग्राम की चारों विधानसभा के लिए 47 प्रत्याशी मैदान में, 15 उम्मीदवारों ने वापिस लिया नामांकन

    September 16, 202460 Views

    फरुखनगर में सबसे अधिक 76.7 और सोहना में सबसे कम 35.9 प्रतिशत पोलिंग

    March 2, 202536 Views
    About Us

    www.humanindianews.com एक तेजी से बढ़ता हुआ हिंदी समाचार पोर्टल है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विविध हिन्दी पाठक वर्ग तक विश्वसनीय, प्रामाणिक और निष्पक्ष समाचार पहुंचाना इसका परम उद्देश्य है। यह अन्य भाषाई वेबसाइटों की तुलना में अधिक विविधतापूर्ण समाचार और इन्फोटेन्मेंट कंटेंट उपलब्ध कराता है। समर्पित संपादकीय टीम पोर्टल पर विशेष और विस्तृत कंटेंट उपलब्ध कराता है। हमारी कोशिश है कि साइट 24 घंटे अपडेट रहे और हर बड़ी घटना तत्काल पाठकों तक पहुंच सके।

    समाचारों के अलावा www.humanindianews.com हर वर्ग के पाठकों को प्रतिदिन शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, मनोरंजन, विज्ञान-तकनीकी, राजनीति, साहित्य, व्यवसाय व खेल समेत जीवन की हर अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रुचिकर और विस्तृत सामग्री उपलब्ध कराता है।

    Contact Us

    OFFICE ADDRESS
    45/5 Pyare Lal Building Near Govt. Girls College Sector 14 M.G Road Gurugram -122001

    CHIEF EDITOR
    Umesh Garg

    CONTACT NO.
    +91-9212356812, 9999384844

    EMAIL
    info@humaninidanews.com

    WEB ADDRESS
    www.humanindianews.com

    Human India News
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Contact Us
    © 2026 Designed by NM Media Solutions.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.