Close Menu
Human India News

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    एक ही घर में 6 सास और 14 बहुएं! खाने में 3 बकरे भी पड़ते हैं कम, आंध्र के इस परिवार की अनोखी कहानी

    August 15, 2026

    Defence Deal: F-35 और Su-57 नहीं, इस घातक फाइटर जेट पर आई बड़ी खुशखबरी; चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन

    August 15, 2026

    अब PAK-चीन की बढ़ेगी टेंशन! 2030 तक ज्यादातर नौसैनिक युद्धपोतों पर तैनात होगी BrahMos

    August 15, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    Saturday, August 15
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Human India News
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • प्रदेश
      • उत्तर प्रदेश
      • चंडीगढ़
      • दिल्ली
      • राजस्थान
      • हरियाणा
    • शहर
      • गाजियाबाद
      • गुरुग्राम
      • दिल्ली
      • फरीदाबाद
    • राजनीति
    • खेल
    • मनोरंजन
    • आस्था
    • वीडियो
    • लाइफ स्टाइल
    • अन्य
      • बिजनेस
      • संपादकीय
    • ई-पेपर
      • 2023
    • संपर्क सूत्र
    Human India News
    Home » चीन की ‘अंडरवियर सिटी’! यहां इनरवियर से चलती है पूरी इकोनॉमी, जानें पूरी कहानी

    चीन की ‘अंडरवियर सिटी’! यहां इनरवियर से चलती है पूरी इकोनॉमी, जानें पूरी कहानी

    News DeskBy News DeskAugust 15, 20261 Views विदेश

    गुआराओ
    एक फैक्ट्री में दर्जनों कर्मचारी अपने-अपने काम में जुटे हैं. कहीं सिलाई मशीन की लगातार आवाज सुनाई दे रही है तो कहीं तैयार ब्रा के ढेर लगे हैं. हर कर्मचारी को उत्पादन की एक छोटी-सी जिम्मेदारी मिली है. कोई कपड़ा काट रहा है, कोई सिलाई कर रहा है और कोई अगले चरण के लिए उसे आगे बढ़ा रहा है. देखने में यह किसी आम कपड़ा फैक्ट्री जैसा लगता है, लेकिन चीन के इस शहर की खासियत कुछ और है। 

    यह शहर है गुआराओ , जिसे चीन में 'अंडरवियर सिटी' कहा जाता है. यहां की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा ब्रा, बनियान और अंडरवियर बनाने के कारोबार पर टिका है. यहां हर साल करोड़ों की संख्या में इनरवियर तैयार किए जाते हैं और चीन के साथ-साथ दूसरे देशों में भी भेजे जाते हैं। 

    हर दिन बनते हैं लाखों इनरवियर
    गुआराओ की एक अंडरवियर फैक्ट्री में रोजाना करीब 30 से 40 हजार मोटी पैड वाली ब्रा और अंडरवियर तैयार होती हैं. फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी उत्पादन लाइन पर एक ही काम को बार-बार करते हैं. एक कर्मचारी का काम पूरा होते ही कपड़ा अगले कर्मचारी के पास पहुंच जाता है और इसी तरह धीरे-धीरे तैयार होती है एक ब्रा या अंडरवियर। 

    गुआराओ में ऐसी सिर्फ एक-दो फैक्ट्रियां नहीं हैं. पूरे शहर में हजारों छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां अंडरवियर बनाने के काम में लगी हैं. आंकड़ों के मुताबिक, शहर में हर साल करीब 35 करोड़ ब्रा और 43 करोड़ बनियान और अंडरवियर तैयार किए जाते हैं. यहां बनने वाले इनरवियर का बड़ा हिस्सा चीन के घरेलू बाजार में बिकता है, जबकि काफी सामान विदेशों में भी भेजा जाता है। 

    कहा जाता है कि शहर के औद्योगिक उत्पादन में अंडरवियर से जुड़े सामान की हिस्सेदारी करीब 80 फीसदी है. यानी इस शहर में कपड़े का कारोबार कहें या अंडरवियर की इंडस्ट्री, दोनों लगभग एक ही बात हो गई है। 

    सड़क से फैक्ट्री तक… हर जगह अंडरवियर का कारोबार
    गुआराओ में अंडरवियर सिर्फ फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं है. शहर में जगह-जगह लिंजरी के विज्ञापन देखने को मिलते हैं. बड़े-बड़े होर्डिंग्स पर मॉडल्स को अलग-अलग तरह के अंडरवियर पहने दिखाया जाता है. इसी वजह से स्थानीय प्रशासन भी गुआराओ को 'अंडरवियर सिटी' यानी 'अंडरवियर का शहर' कहता है। 

    शहर के लिए यह उद्योग सिर्फ कपड़े बनाने का काम नहीं, बल्कि रोजगार और कमाई का सबसे बड़ा जरिया है. हजारों लोग सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से इसी कारोबार से जुड़े हैं। 

    1982 में शुरू हुआ था अंडरवियर का कारोबार
    गुआराओ में अंडरवियर बनाने का कारोबार बहुत पुराना नहीं है. इसकी शुरुआत करीब 1982 में हुई थी. पड़ोसी हांगकांग और ताइवान से आए निवेश ने यहां इस उद्योग को बढ़ने में मदद की। 

    शहर की लोकेशन और अपेक्षाकृत सस्ता मजदूर मिलने की वजह से यहां फैक्ट्रियां तेजी से बढ़ने लगीं. खासकर 1995 से 2005 के बीच अंडरवियर का कारोबार तेजी से फैला और गुआराओ एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर गया.लेकिन तेज औद्योगिक विकास के साथ शहर को प्रदूषण जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। 

    सिर्फ अंडरवियर पर टिकी अर्थव्यवस्था, अब बढ़ी चिंता
    गुआराओ की सबसे बड़ी ताकत ही अब उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बनती दिख रही है. शहर का उद्योग मुख्य रूप से एक ही क्षेत्र पर निर्भर है. ऐसे में अगर अंडरवियर के कारोबार में मंदी आती है या दूसरे देशों से प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, तो इसका सीधा असर पूरे शहर पर पड़ता है। 

    फैक्ट्री मालिकों का कहना है कि उत्पादन की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन ग्राहक ज्यादा कीमत चुकाने के लिए तैयार नहीं हैं. यानी खर्च बढ़ रहा है, लेकिन सामान की कीमत उसी हिसाब से बढ़ाना मुश्किल है. इसका असर छोटे और मध्यम स्तर की फैक्ट्रियों पर भी पड़ रहा है। 

    थाईलैंड और वियतनाम से बढ़ी टक्कर
    गुआराओ के सामने अब सिर्फ घरेलू बाजार की चुनौती नहीं है. थाईलैंड और वियतनाम जैसे देश भी अंडरवियर बनाने के क्षेत्र में चीन को टक्कर दे रहे हैं. इन देशों में कुछ मामलों में मैन्युफैक्चरिंग लागत और टैक्स कम होने के कारण कंपनियों के लिए वहां उत्पादन करना ज्यादा फायदेमंद पड़ सकता है. 2008 के बाद से मिड और लो-एंड अंडरवियर के कुछ ऑर्डर चीन से इन देशों की ओर जाने लगे. इसका असर गुआराओ के निर्यात पर भी पड़ा। 

    चीन की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ी, लेकिन गुआराओ जैसे कई छोटे औद्योगिक शहर अपनी पुरानी इंडस्ट्री से बाहर नहीं निकल पाए. अंडरवियर उद्योग पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता अब शहर के लोगों को परेशान कर रही है। 

    कई लोग बेहतर रोजगार और भविष्य की तलाश में आसपास के शहरों और दूसरे देशों की ओर जाने लगे हैं. कुछ फैक्ट्री मालिक कारोबार बंद करके शहर छोड़ चुके हैं.

    गुआराओ की कहानी सिर्फ एक शहर की कहानी नहीं है. चीन में ऐसे कई शहर हैं जहां एक ही तरह के सामान का उत्पादन पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को चलाता है. किसी शहर में प्लास्टिक के खिलौने बनते हैं तो किसी में कपड़े या दूसरे सस्ते सामान। 

    ऐसे 'वन-इंडस्ट्री टाउन' ने चीन को दुनिया का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में अहम भूमिका निभाई. लेकिन इन शहरों की मुश्किल यह है कि अगर सस्ता उत्पादन करने वाला कोई दूसरा देश बाजार में आ जाए, तो पूरी स्थानीय अर्थव्यवस्था दबाव में आ सकती है। 

    गुआराओ में आज भी सिलाई मशीनों की आवाज और अंडरवियर के ढेर दिखाई देते हैं. लेकिन इन करोड़ों ब्रा और अंडरवियर के पीछे अब एक सवाल भी खड़ा है. अगर पूरी अर्थव्यवस्था एक ही उद्योग पर टिकी हो, तो बदलते वक्त के साथ शहर खुद को कितना बदल पाएगा?

    Related Posts

    चीन के पड़ोस में बदले समीकरण, भारत के लिए खुला बड़ा रणनीतिक मौका; ड्रैगन की बढ़ी टेंशन

    August 15, 2026

    US के दो और राज्यों ने 15 अगस्त को घोषित किया ‘India Independence Day’, भारतवंशियों को सम्मान

    August 15, 2026

    ईरान ने गिराए अमेरिका के 45 Reaper ड्रोन! 25% बेड़ा हुआ तबाह, हथियारों के स्टॉक पर बढ़ा संकट

    August 15, 2026

    सऊदी अरब के Aramco पर हूतियों का फिर ड्रोन हमला, मक्का समझौते के बाद पाकिस्तान-तुर्की की परीक्षा

    August 14, 2026

    डिलीवरी ब्लड का था इस्तेमाल! 2000 साल पुराने पत्थरों पर बने चित्र आज भी क्यों हैं सुरक्षित?

    August 14, 2026

    पुतिन का बड़ा कदम! जापान के दावे वाले कुरील द्वीप पहुंचे, बढ़ा रूस-जापान तनाव

    August 13, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    टॉप न्यूज़

    गुड़गांव लोकसभा के सभी विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत ब्यौरा, किसे कितनी वोट मिली…

    June 4, 202475 Views

    गुरूग्राम की चारों विधानसभा के लिए 47 प्रत्याशी मैदान में, 15 उम्मीदवारों ने वापिस लिया नामांकन

    September 16, 202460 Views

    फरुखनगर में सबसे अधिक 76.7 और सोहना में सबसे कम 35.9 प्रतिशत पोलिंग

    March 2, 202536 Views
    Most Popular

    गुड़गांव लोकसभा के सभी विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत ब्यौरा, किसे कितनी वोट मिली…

    June 4, 202475 Views

    गुरूग्राम की चारों विधानसभा के लिए 47 प्रत्याशी मैदान में, 15 उम्मीदवारों ने वापिस लिया नामांकन

    September 16, 202460 Views

    फरुखनगर में सबसे अधिक 76.7 और सोहना में सबसे कम 35.9 प्रतिशत पोलिंग

    March 2, 202536 Views
    About Us

    www.humanindianews.com एक तेजी से बढ़ता हुआ हिंदी समाचार पोर्टल है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विविध हिन्दी पाठक वर्ग तक विश्वसनीय, प्रामाणिक और निष्पक्ष समाचार पहुंचाना इसका परम उद्देश्य है। यह अन्य भाषाई वेबसाइटों की तुलना में अधिक विविधतापूर्ण समाचार और इन्फोटेन्मेंट कंटेंट उपलब्ध कराता है। समर्पित संपादकीय टीम पोर्टल पर विशेष और विस्तृत कंटेंट उपलब्ध कराता है। हमारी कोशिश है कि साइट 24 घंटे अपडेट रहे और हर बड़ी घटना तत्काल पाठकों तक पहुंच सके।

    समाचारों के अलावा www.humanindianews.com हर वर्ग के पाठकों को प्रतिदिन शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, मनोरंजन, विज्ञान-तकनीकी, राजनीति, साहित्य, व्यवसाय व खेल समेत जीवन की हर अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रुचिकर और विस्तृत सामग्री उपलब्ध कराता है।

    Contact Us

    OFFICE ADDRESS
    45/5 Pyare Lal Building Near Govt. Girls College Sector 14 M.G Road Gurugram -122001

    CHIEF EDITOR
    Umesh Garg

    CONTACT NO.
    +91-9212356812, 9999384844

    EMAIL
    info@humaninidanews.com

    WEB ADDRESS
    www.humanindianews.com

    Human India News
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Contact Us
    © 2026 Designed by NM Media Solutions.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.