Close Menu
Human India News

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    राज्योत्सव परिसर में कृषि विभाग की प्रदर्शनी में किसानों को मिल रही खेती से जुड़ी जानकारियां, एक ही जगह पर 20 से अधिक धान की किस्में, दलहन-तिलहन और उद्यानिकी फसलों की विभिन्न किस्मों का प्रदर्शन….

    November 3, 2026

    छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : राज्य स्थापना के 26 वर्ष : नए छत्तीसगढ़ की सशक्त होती तस्वीर, दशा और दिशा….

    November 3, 2026

    चित्रकोट की कुडूक मछुआ समिति को मिला राज्य अलंकरण, सहकारिता के दम पर बस्तर ने रचा इतिहास, ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार 2026 से सम्मानित….

    November 3, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    Tuesday, November 3
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Human India News
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • प्रदेश
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखंड
      • चंडीगढ़
      • दिल्ली
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • हिमाचल प्रदेश
    • शहर
      • गाजियाबाद
      • गुरुग्राम
      • दिल्ली
      • फरीदाबाद
    • राजनीति
    • खेल
    • मनोरंजन
    • आस्था
    • वीडियो
    • लाइफ स्टाइल
    • अन्य
      • बिजनेस
      • संपादकीय
    • ई-पेपर
      • 2023
    • संपर्क सूत्र
    Human India News
    Home » अटल जी के सपनों से विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प तक, संस्कृति, स्वाभिमान और विकास की गौरवशाली यात्रा: मंत्री राजेश अग्रवाल…..

    अटल जी के सपनों से विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प तक, संस्कृति, स्वाभिमान और विकास की गौरवशाली यात्रा: मंत्री राजेश अग्रवाल…..

    News DeskBy News DeskNovember 3, 20261 Views देश

    रायपुर: छत्तीसगढ़ की माटी में इतिहास की गहराई है, संस्कृति की मिठास है, परंपराओं की सुगंध है और भविष्य की असीम संभावनाएं हैं। यहां के लोकगीतों में जीवन का संगीत है, लोकनृत्यों में उत्साह की उमंग है और जनजातीय परंपराओं में   प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का अद्भुत दर्शन समाहित है। यह वह धरती है, जहां श्रम को सम्मान, प्रकृति को आराधना और संस्कृति को जीवन का आधार माना जाता है। छत्तीसगढ़ केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि अपनी विशिष्ट भाषा, लोकजीवन, परंपराओं और गौरवशाली विरासत से निर्मित एक जीवंत सांस्कृतिक पहचान है।

    आज जब हम छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव के भव्य समापन के साक्षी बने हैं, तब मन गर्व, आत्मीयता और कृतज्ञता से भर उठता है। यह उत्सव केवल रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और समारोहों का आयोजन नहीं था, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मा, अस्मिता, स्वाभिमान और विकास यात्रा का जीवंत उत्सव बनकर सामने आया। नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि हमारी सांस्कृतिक विरासत हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और यही शक्ति विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की प्रेरणा भी है।

    अटल जी का ऐतिहासिक निर्णय, छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान का नया अध्याय

    छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का स्मरण पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के उल्लेख के बिना अधूरा है। उनके नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ एक स्वतंत्र राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। यह ऐतिहासिक निर्णय इस अंचल की वर्षों पुरानी आकांक्षाओं, सांस्कृतिक पहचान और विकास की अपेक्षाओं को साकार करने वाला था।

    अटल जी ने छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान, यहां की जनभावनाओं और विकास की संभावनाओं को समझते हुए अलग राज्य के गठन का मार्ग प्रशस्त किया। उनका यह निर्णय छत्तीसगढ़ की जनता के लिए एक ऐतिहासिक सौगात बना। आज राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण होने पर हम अटल जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिन्होंने छत्तीसगढ़ को अपनी नियति स्वयं गढ़ने और विकास की नई इबारत लिखने का अवसर प्रदान किया।

    अटल जी ने जिस छत्तीसगढ़ की आधारशिला रखी थी, उसे समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। राज्योत्सव का प्रत्येक आयोजन हमें उनके इस ऐतिहासिक योगदान की याद दिलाता है।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प से जुड़ता छत्तीसगढ़

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का जो संकल्प देश के सामने रखा है, उसमें छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्राकृतिक संसाधनों, कृषि संपदा, वन संपदा, खनिज संपदा, सांस्कृतिक विविधता और परिश्रमी मानव संसाधन से समृद्ध हमारा प्रदेश विकास की व्यापक संभावनाओं से परिपूर्ण है।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में विरासत के संरक्षण और विकास को एक-दूसरे का पूरक मानते हुए आगे बढ़ने की सोच को नई दिशा मिली है। इसी भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ में भी अपनी लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं, ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ आधुनिक विकास को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    हमारा विश्वास है कि विकास का वास्तविक अर्थ केवल भौतिक अधोसंरचना का विस्तार नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। हमारी सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे, गांव समृद्ध हों, किसान खुशहाल हों, महिलाएं सशक्त बनें और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें, यही विकसित छत्तीसगढ़ की हमारी परिकल्पना है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संस्कृति और विकास को नई दिशा

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जनकल्याणकारी विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में लोककला, लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं, पुरातात्विक धरोहरों और पर्यटन स्थलों का संरक्षण एवं संवर्धन महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

    छत्तीसगढ़ की पहचान केवल उसकी प्राकृतिक संपदा से नहीं, बल्कि यहां की लोककलाओं, उत्सवों, धार्मिक आस्थाओं और विविध सांस्कृतिक परंपराओं से भी है। बस्तर दशहरा की अनूठी परंपरा हो, पंथी नृत्य की आध्यात्मिक चेतना हो, राउत नाचा का उल्लास हो, पंडवानी की अद्भुत कथावाचन शैली हो या सुआ और करमा गीतों की मधुरता, हमारी  संस्कृति का प्रत्येक स्वर छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को अभिव्यक्त करता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश की इस अमूल्य विरासत को संरक्षित करने, कलाकारों को प्रोत्साहित करने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ की लोककलाओं और परंपराओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिले।

    राज्योत्सव 2026: तीन दिनों में साकार हुआ छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक वैभव

    नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक आयोजित राज्योत्सव 2026 छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, लोकजीवन और विकास की उपलब्धियों का भव्य संगम बना। तीन दिवसीय आयोजन में प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति, परंपराओं और प्रतिभाओं को अपनी विशिष्ट पहचान के साथ प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

    राज्योत्सव के मंच पर लोककलाओं और शास्त्रीय कलाओं की प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक विविधता का सुंदर परिचय दिया। पंडवानी, पंथी, सुआ, जनजातीय लोकनृत्यों, कथक और ओडिसी जैसी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की व्यापकता और छत्तीसगढ़ की विशिष्ट लोकपरंपराओं का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।

    शिल्पग्राम में स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों और पारंपरिक शिल्पकला ने उत्सव को विशेष पहचान दी। वहीं लोकप्रिय गायकों और कलाकारों की प्रस्तुतियों ने समारोह में संगीत के विविध रंग बिखेरे। यह आयोजन परंपरा और आधुनिकता के सुंदर संगम का प्रतीक बना।

    राज्योत्सव में विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों की झलक प्रस्तुत की। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से नागरिकों को प्रदेश में संचालित योजनाओं और विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी मिली।

    इस आयोजन को प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा और जनभावनाओं के अनुरूप स्वरूप प्रदान करने के लिए विभिन्न विभागों, कलाकारों, आयोजन से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगी संस्थाओं ने समन्वित प्रयास किए।

    हमारा प्रयास रहा कि राज्योत्सव केवल एक औपचारिक शासकीय आयोजन न होकर जनभागीदारी, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली पहचान का उत्सव बने। प्रदेश के स्थानीय कलाकारों, लोकनर्तकों, शिल्पकारों और सांस्कृतिक दलों को मंच प्रदान करना इस आयोजन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल रहा।

    हम मानते हैं कि संस्कृति केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान की चेतना और भविष्य की दिशा भी है। जब लोककलाकारों को मंच मिलता है, पारंपरिक शिल्प को सम्मान मिलता है और नई पीढ़ी अपनी विरासत से परिचित होती है, तब संस्कृति का वास्तविक संरक्षण होता है। राज्योत्सव ने इस भावना को साकार करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।

    राज्योत्सव 2026 का समापन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के इस ऐतिहासिक उत्सव को विशेष महत्व प्रदान किया।

    समापन समारोह के अवसर पर आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रदेश की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का अभिनंदन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभा, परिश्रम, सृजनशीलता और सामाजिक योगदान के प्रति पूरे प्रदेश की कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है।

    राज्य अलंकरण समारोह हमारी उस परंपरा का प्रतीक है, जिसमें कला, साहित्य, संस्कृति, समाजसेवा और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मान प्रदान किया जाता है। ऐसे सम्मान नई पीढ़ी को अपनी प्रतिभा और क्षमता के माध्यम से समाज तथा प्रदेश के विकास में योगदान देने की प्रेरणा देते हैं।

    केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में राज्योत्सव का समापन छत्तीसगढ़ की 26 वर्षों की यात्रा और भविष्य की विकास आकांक्षाओं को एक सूत्र में जोड़ने वाला महत्वपूर्ण अवसर बना।

    लोक-कलाकार हमारी सांस्कृतिक पहचान के सच्चे संवाहक

    छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता उसकी जीवंतता है। हमारी संस्कृति केवल पुस्तकों और संग्रहालयों में सुरक्षित विरासत नहीं, बल्कि गांवों की चौपालों, लोकगीतों, पर्वों, उत्सवों और जनजीवन में आज भी जीवित है।

    हमारे लोक कलाकार पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस अमूल्य धरोहर को आगे बढ़ाते आए हैं। पंडवानी की कथावाचन परंपरा, पंथी का आध्यात्मिक संदेश, करमा की सामूहिकता, सुआ गीतों की मधुरता, राउत नाचा का उत्साह और बस्तर की जनजातीय नृत्य परंपराएं हमारी सांस्कृतिक समृद्धि की पहचान हैं।

    मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि लोककलाकारों का सम्मान और संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। कलाकार केवल मनोरंजन के माध्यम नहीं, बल्कि समाज की स्मृतियों, मूल्यों और परंपराओं के संवाहक हैं। उन्हें अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है।

    अटल जी की विरासत, मोदी जी का संकल्प और विकसित छत्तीसगढ़ का भविष्य

    छत्तीसगढ़ की 26 वर्षों की यात्रा हमें अतीत की उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ भविष्य के प्रति अपने दायित्वों का भी स्मरण कराती है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जिस राज्य के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सहेजते हुए विकास के नए अवसर सृजित करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न राज्योत्सव का यह आयोजन हमारे लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा का अवसर बना है।

    हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित रहे, लोककलाओं को नई पहचान मिले, कलाकारों को सम्मान मिले और पर्यटन के माध्यम से प्रदेश की समृद्धि के नए द्वार खुलें।

    राज्योत्सव का समापन नहीं, नए संकल्पों की शुरुआत

    इस सफल आयोजन में सहभागी बने सभी कलाकारों, शिल्पकारों, सांस्कृतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा एवं व्यवस्था से जुड़े कर्मियों, मीडिया प्रतिनिधियों और प्रदेशवासियों के प्रति मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। विशेष रूप से संस्कृति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों सहित आयोजन से जुड़े सभी विभागों के सामूहिक प्रयासों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करता हूं।

    छत्तीसगढ़ की माटी हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देती है। हमारी लोक-संस्कृति हमें एकता का संदेश देती है और हमारी विकास यात्रा हमें निरंतर आगे बढ़ने का संकल्प प्रदान करती है।

    आइए, राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ पर हम सभी मिलकर संकल्प लें कि अटल जी के सपनों के छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप एक समृद्ध, सशक्त, आत्मनिर्भर और सांस्कृतिक रूप से गौरवशाली राज्य बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।

    Related Posts

    राज्योत्सव परिसर में कृषि विभाग की प्रदर्शनी में किसानों को मिल रही खेती से जुड़ी जानकारियां, एक ही जगह पर 20 से अधिक धान की किस्में, दलहन-तिलहन और उद्यानिकी फसलों की विभिन्न किस्मों का प्रदर्शन….

    November 3, 2026

    छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : राज्य स्थापना के 26 वर्ष : नए छत्तीसगढ़ की सशक्त होती तस्वीर, दशा और दिशा….

    November 3, 2026

    चित्रकोट की कुडूक मछुआ समिति को मिला राज्य अलंकरण, सहकारिता के दम पर बस्तर ने रचा इतिहास, ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार 2026 से सम्मानित….

    November 3, 2026

    बेस्ट सीएम सर्वे में धामी को देश में दूसरा स्थान

    November 3, 2026

    Uttarakhand News: धामी सरकार ने दी विकास कार्यों को रफ्तार, प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 26 निर्माण कार्यों के लिए 22.15 करोड़ रुपये मंजूर…..

    November 3, 2026

    रेस कोर्स एयरफोर्स स्टेशन पर फिर IAF का नियंत्रण? रक्षा मंत्री से मिले पूर्व वायुसेना प्रमुख

    November 3, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    टॉप न्यूज़

    गुड़गांव लोकसभा के सभी विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत ब्यौरा, किसे कितनी वोट मिली…

    June 4, 202475 Views

    गुरूग्राम की चारों विधानसभा के लिए 47 प्रत्याशी मैदान में, 15 उम्मीदवारों ने वापिस लिया नामांकन

    September 16, 202472 Views

    फरुखनगर में सबसे अधिक 76.7 और सोहना में सबसे कम 35.9 प्रतिशत पोलिंग

    March 2, 202536 Views
    Most Popular

    गुड़गांव लोकसभा के सभी विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत ब्यौरा, किसे कितनी वोट मिली…

    June 4, 202475 Views

    गुरूग्राम की चारों विधानसभा के लिए 47 प्रत्याशी मैदान में, 15 उम्मीदवारों ने वापिस लिया नामांकन

    September 16, 202472 Views

    फरुखनगर में सबसे अधिक 76.7 और सोहना में सबसे कम 35.9 प्रतिशत पोलिंग

    March 2, 202536 Views
    About Us

    www.humanindianews.com एक तेजी से बढ़ता हुआ हिंदी समाचार पोर्टल है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विविध हिन्दी पाठक वर्ग तक विश्वसनीय, प्रामाणिक और निष्पक्ष समाचार पहुंचाना इसका परम उद्देश्य है। यह अन्य भाषाई वेबसाइटों की तुलना में अधिक विविधतापूर्ण समाचार और इन्फोटेन्मेंट कंटेंट उपलब्ध कराता है। समर्पित संपादकीय टीम पोर्टल पर विशेष और विस्तृत कंटेंट उपलब्ध कराता है। हमारी कोशिश है कि साइट 24 घंटे अपडेट रहे और हर बड़ी घटना तत्काल पाठकों तक पहुंच सके।

    समाचारों के अलावा www.humanindianews.com हर वर्ग के पाठकों को प्रतिदिन शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, मनोरंजन, विज्ञान-तकनीकी, राजनीति, साहित्य, व्यवसाय व खेल समेत जीवन की हर अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रुचिकर और विस्तृत सामग्री उपलब्ध कराता है।

    Contact Us

    OFFICE ADDRESS
    45/5 Pyare Lal Building Near Govt. Girls College Sector 14 M.G Road Gurugram -122001

    CHIEF EDITOR
    Umesh Garg

    CONTACT NO.
    +91-9212356812, 9999384844

    EMAIL
    info@humaninidanews.com

    WEB ADDRESS
    www.humanindianews.com

    Human India News
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    • Home
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Contact Us
    © 2026 Designed by NM Media Solutions.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.