अहमदाबाद
गुजरात के निकाय चुनाव में भाजपा की जीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गुजरात में 41 साल बाद भी जीत हासिल नहीं कर पाई है। शाह ने राहुल गांधी से आत्मनिरीक्षण करने को कहा और सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस की लगातार चुनावी हार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का परिणाम बताया जाएगा। उन्होंने गुजरात से लेकर राजस्थान और त्रिपुरा तक के चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत का दावा किया।
अमित शाह ने गुजरात चुनाव के नतीजों पर क्या कहा?
शाह ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने 32 सीटों पर चुनाव लड़ा और सभी 32 सीटों पर उसकी जमानत जब्त हो गई। उन्होंने दावा किया कि गुजरात के मतदाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मजबूती से खड़े हैं। शाह के मुताबिक, गांधीनगर नगरपालिका में भाजपा के वोट प्रतिशत में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गुजरात में आखिरी बार 1985 में जीती थी और अब 41 साल बाद भी यहां जीत नहीं पाई है। शाह ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या इस हार को भी एसआईआर का परिणाम बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की जीत को एसआईआर से जोड़कर खारिज करने के बजाय कांग्रेस को अपनी हार के कारणों पर विचार करना चाहिए।
क्या दूसरे राज्यों के चुनावों का भी अमित शाह ने किया जिक्र?
शाह ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुचेरी में हुए उपचुनावों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस को इनमें एक भी सीट नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि असम के नौगांव में भाजपा ने कांग्रेस से सीट छीन ली। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में भाजपा उम्मीदवार की जीत और रेजीनगर में तृणमूल कांग्रेस से सीट जीतने का भी उन्होंने जिक्र किया। पुदुचेरी में एनडीए के साथ एआईएनआरसी के उम्मीदवार की जीत का हवाला देते हुए शाह ने कहा कि चुनावी नतीजे कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का संकेत हैं। ये आंकड़े और चुनावी उदाहरण शाह ने अपने बयान में कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठाने के लिए दिए।
राजस्थान और त्रिपुरा में भाजपा की जीत को लेकर क्या बोले शाह?
अमित शाह ने राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने नगर निगम की 90 फीसदी, नगर परिषद की 66 फीसदी और नगर पालिकाओं की 65 फीसदी सीटों पर जीत हासिल की। त्रिपुरा के ग्राम समिति चुनावों का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि कुल 4,600 सीटों में से एनडीए को 4,000 सीटों पर जीत मिली। उन्होंने खास तौर पर कहा कि त्रिपुरा में ये चुनाव बैलेट बॉक्स से हुए थे। शाह ने उन लोगों पर निशाना साधा जो चुनावी हार के लिए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में कांग्रेस 30 साल से नहीं जीती है, जबकि बंगाल में 56 साल से उसे जीत नहीं मिली है।
राहुल गांधी और कांग्रेस को लेकर अमित शाह ने क्या आरोप लगाए?
शाह ने कहा कि राहुल गांधी के कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद से भाजपा लगातार चुनाव जीत रही है। उन्होंने राहुल गांधी के विपक्षी दलों को एकजुट करने के प्रयासों पर भी सवाल उठाया। शाह ने कहा कि 14 पार्टियों के कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करने और आठ हजार लोगों की भीड़ जुटाने से कोई देश की आवाज नहीं बन जाता। उनके मुताबिक, जनता की आवाज गांवों, खेतों, जंगलों और दूर-दराज के इलाकों में है। उन्होंने उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी जनता ने कांग्रेस को हराया है।
एसआईआर और घुसपैठियों के मुद्दे पर क्या बोले शाह?
अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर के बहाने घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता कांग्रेस की इस राजनीति को समझ चुकी है। शाह ने कहा कि कांग्रेस को अपनी रणनीति पर विचार करना चाहिए और 2029 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के लिए तैयार रहना चाहिए।


