Friday, August 14

विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टीआरटी टनल में मलबा और पानी घुसने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने सुरंग के भीतर जाकर रेस्क्यू अभियान की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों व बचाव दल से स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

19 श्रमिक सुरक्षित बाहर निकाले

मायापुर क्षेत्र में बृहस्पतिवार शाम भूस्खलन के बाद अचानक सुरंग में मलबा और पानी भर गया था। करीब तीन किलोमीटर लंबी टीआरटी टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में मलबा-पानी भरने से 22 श्रमिक फंस गए थे। हादसे के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस, प्रशासन और अन्य बचाव एजेंसियों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

अधिकारियों के अनुसार, 22 में से 19 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इनमें घायल श्रमिकों को जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। हादसे में सात श्रमिकों की मौत की सूचना है, जबकि तीन श्रमिकों की तलाश जारी है।

घायलों से मिले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल श्रमिकों का हाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उनके उपचार और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। सीएम ने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और इलाज में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रखने के निर्देश दिए।

रेस्क्यू में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने घटनास्थल पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस, प्रशासन और टीएचडीसी की टीमों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि बचाव अभियान में उपलब्ध सभी संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का पूरा इस्तेमाल किया जाए। सुरंग से पानी निकालने और मलबा हटाने के कार्य की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए।

धामी ने कहा कि सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रेस्क्यू अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।

मृतकों के परिजनों को सहायता के निर्देश

मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा और आवश्यक सहायता जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित श्रमिकों के परिजनों से संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत कर स्थिति साझा की।

हादसे की होगी मजिस्ट्रियल जांच

हादसे के कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में हादसे के कारणों के साथ टनल की तकनीकी स्थिति और मलबा-पानी भरने की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू अभियान में लगे सभी दलों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाए। जब तक सभी श्रमिक सुरक्षित बाहर नहीं निकल जाते, अभियान पूरी गंभीरता और समन्वय के साथ जारी रखा जाए।

Leave A Reply

Exit mobile version