सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, घरघोड़ा में बच्चों हेतु गैर-संचारी रोग स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित
रायगढ़/घरघोड़ा- राज्य शासन के दिशा-निर्देशानुसार कलेक्टर रायगढ़ मयंक चतुर्वेदी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, रायगढ़ (छ.ग.) के मार्गदर्शन तथा डॉ. गजेन्द्र सिंह, हेल्थ स्पेशलिस्ट यूनिसेफ रायपुर (छ.ग.) के नेतृत्व में 10 अगस्त 2026 को विकासखंड घरघोड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष जांच शिविर आयोजित किया गया।
जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं MCCR ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित इस विशेष गैर-संचारी रोग (NCD) जांच शिविर का उद्देश्य बच्चों में गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान, आवश्यक जांच, परामर्श एवं उपचार सुनिश्चित कर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना था।
शिविर में 1 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 50 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान 11 बच्चे सिकल सेल वाहक (AS पॉजिटिव) तथा 6 बच्चे सिकल सेल रोग (SS पॉजिटिव) पाए गए। सभी बच्चों को आगे की आवश्यक जांच, परामर्श एवं उपचार हेतु जिला अस्पताल रायगढ़ रेफर किया गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर पहचान एवं उचित प्रबंधन से बच्चों के स्वास्थ्य परिणामों में महत्वपूर्ण सुधार लाया जा सकता है।
शिविर में विशेषज्ञों द्वारा बच्चों एवं उनके अभिभावकों को सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह तथा अन्य गैर-संचारी रोगों के लक्षण, समय पर जांच, नियमित फॉलो-अप एवं उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अभिभावकों को संदेश दिया गया कि बच्चों में बार-बार कमजोरी, अत्यधिक थकान, लगातार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन कम होना अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करें।
इस स्वास्थ्य जांच शिविर के सफल आयोजन में ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी (BMO), ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीमों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों की स्क्रीनिंग, परामर्श एवं रेफरल प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया।
शिविर के सफल संचालन में जिला स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ छत्तीसगढ़, MCCR ट्रस्ट, ब्लॉक स्वास्थ्य टीम तथा स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें तथा किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में समय पर जांच एवं उपचार अवश्य कराएं, ताकि बच्चों को स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य प्रदान किया जा सके।
