तेल अवीव
यूएई के दुबई से इजरायली राजधानी तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के एक विमान की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। माना जा रहा था कि इसको हाईजैक करने की कोशिश की गई। हालांकि इसकी सऊदी अरब में लैंडिंग के बाद विमान के अंदर मारपीट का मामला सामने आया है। बताया गया है कि विमान में हिंसा हुई थी। पायलटों के बीच हाथापाई का दावा किया जा रहा है। सऊदी में विमान की लैंडिंग के बाद संबंधित पक्षों ने राहत की सांस ली है।
इजरायली मीडिया के मुताबिक, विमानन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि विमान को सऊदी अरब में उतरना था। इससे पहले ही दुबई-तेल अवीव उड़ान की ओर से इमरजेंसी 7700 स्क्वॉक सिग्नल भेजे गए। सिग्नल मिलने के बाद इजरायली सैन्य विमान भेजे गए। ताकि हाईजैकिंग जैसी संभावित घटना का मुकाबला किया जा सके।
विमान से आया इमरजेंसी सिग्नल
इजरायली मीडिया ने फ्लाइट डेटा का हवाला देते हुए बताया कि तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के एक यात्री विमान ने सऊदी अरब के ऊपर से वापस मुड़ते समय इमरजेंसी घोषित कर दी। इसके बाद इजरायली वायु सेना के लड़ाकू विमानों को भेजा गया और इमरजेंसी स्तर पर इजरायल में मीटिंग शुरू हो गई।
N12 के अनुसार, विमान की ओर इजरायली लड़ाकू विमान भेजे गए। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और रक्षा मंत्री काट्ज इस मामले पर बातचीत की। सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि शुरू में अधिकारियों को समझ नहीं आया है कि क्या हो रहा है। उन्हें लगा कि यह विमान अपहरण की कोशिश है।
हाईजैक से सरकार का इनकार
इधर, इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के प्रवक्ता ने हाईजैक की घटना से इनकार किया है। पीएम कार्यालय ने कहा कि बुधवार को फ्लायदुबई के एक विमान को रास्ता बदलकर सऊदी अरब भेजे जाने को हाईजैकिंग की घटना नहीं माना जा रहा है। खास बात है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय पर हुए हैं, जब पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति के चलते तनाव बना हुआ है।
यात्रियों से भरा हुआ था विमान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कथित इमरजेंसी के समय विमान में 27 बच्चों समेत कुल 174 यात्री सवार थे। कहा जा रहा है कि दोनों पायलट्स के बीच हुई बहस के चलते हाईजैक का सिग्नल चला गया था। वहीं, सिग्नल पाते ही इजरायल की वायुसेना अलर्ट मोड पर आ गई थी और आपातकाल बैठक बुलाई गई थी।
असल में क्या हुआ था
बाद में यह साफ हुआ कि दो पायलट्स के बीच हाथापाई होने के कारण आसमान में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इसके चलते गलत सिग्नल चला गया था। वायनेट के अनुसार, घटना का पता चलते ही पीएम नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई थी। पुलिस आयुक्त डैनी लेवी का कहना था कि वह इजरायल भी तरह के हालात के लिए तैयार हैं।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच घटना
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब पश्चिम एशिया का एक बड़ा हिस्सा संघर्ष से जूझ रहा है। इजरायल की लेबनान, गाजा और ईरान से तनातनी लगातार जारी है। वहीं सऊदी अरब और यमन के हूतियों के बीच हालिया हफ्तों में लगातार सैन्य संघर्ष देखा गया है। वहीं ईरान में भी इजरायल और अमेरिका की सात महीने से लड़ाई चल रही है।
पश्चिम एशिया में इस तनातनी के बीच यूएई की एयरलाइन के विमान से इमरजेंसी सिग्नल मिलने की वजह से हड़कंप मच गया। यूएई को पश्चिम एशिया में इजरायल का सबसे करीबी माना जाता है। ऐसे में ये आशंका पैदा हो गई कि किसी विरोधी पक्ष ने तो इस विमान का अपहरण नहीं कर लिया है। इस तरह की घटनाएं पहले भी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हो चुकी हैं।
बुलाई गई इमरजेंसी मीटिंग
घटना के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री काट्ज ने एक आपातकालीन सुरक्षा परामर्श बैठक बुलाई। हालांकि, एक सुरक्षा सूत्र ने बाद में स्पष्ट किया, "विमान अपहरण के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है, पायलट ने संकट संकेत भेजा था।"
विमान के फ्लाइट ट्रैकिंग ऐप से गायब हो जाने के बाद सुरक्षा सूत्रों ने आश्वस्त किया कि विमान सऊदी अरब की धरती पर उतरने वाला था। विमान बाद में उतरा और आम जनता के लिए उपलब्ध ट्रैकिंग ऐप पर वापस दिखाई देने लगा।
फ्लाई दुबई विमान ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई से सुबह 7:05 बजे उड़ान भरी और उसे सुबह 9:30 बजे के आसपास बेन गुरियन हवाई अड्डे पर उतरना था। लेकिन लगभग डेढ़ घंटे की उड़ान के बाद जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही विमान ने कोड 7700 (अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन और संकट कोड) और फिर कोड 7500 प्रसारित किया, जो अपहरण का संकेत था।
उसी समय विमान वापस मुड़ गया और सऊदी अरब के आसमान में लौट आया और कम ऊंचाई पर उड़ने लगा। दक्षिण की ओर उड़ने के बाद यह सऊदी अरब के भीतर पश्चिम की ओर मुड़ गया।
