Saturday, September 26

विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के देहरादून स्थित कार्यालय पहुंचे। ईडी ने उन्हें वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था। रावत अपनी मां की तस्वीर गले में डालकर ईडी कार्यालय पहुंचे।

ईडी की ओर से यह कार्रवाई 2016 की उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में की जा रही है। इसी मामले में ईडी ने 10 सितंबर को रावत के तत्कालीन ओएसडी और वर्तमान में निजी सहायक रहे चंदन सिंह जीना समेत कई लोगों के ठिकानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी के अनुसार, जीना के परिसर से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, सोने के आभूषण और 12 महंगी घड़ियां बरामद हुई थीं। इसके अलावा जीना और उनके परिवार से जुड़े बैंक खातों में 52.16 लाख रुपये की राशि फ्रीज की गई थी। ईडी के मुताबिक जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 1.28 करोड़ रुपये है।

जांच के दायरे में भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट से कथित छेड़छाड़ और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी निजी कंप्यूटर एजेंसी के साथ हुए कथित लेनदेन समेत अन्य पहलू भी शामिल हैं। ईडी की कार्रवाई के बाद अब रावत से भर्ती परीक्षा के दौरान उनके ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना से जुड़े विभिन्न पहलुओं के साथ ही अन्य संबंधित मामलों को लेकर पूछताछ की जा रही है।

मां, जगदंबा और धरती मां को किया याद

ईडी कार्यालय पहुंचने से पहले हरीश रावत ने कहा कि वह अपनी मां, जगदंबा मां और धरती मां का स्मरण कर यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताकत कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं। रावत ने इससे पहले हरिद्वार में गंगा में दुग्धाभिषेक कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना भी की थी।

ओएसडी चंदन सिंह जीना पर हुई कार्रवाई को लेकर रावत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले सीबीआई और ईडी का खेल शुरू हो जाता है। कुछ समय बाद समझ में आता है कि इसके पीछे क्या हो रहा था। उन्होंने कहा कि वह जांच एजेंसियों के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं और मामले के तथ्य जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे।

पार्टी का निर्णय सर्वोपरि

कांग्रेस में अपने पदों से इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल पर रावत ने कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है। वह जल्द ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह पार्टी के एक सिपाही हैं।

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