नई दिल्ली
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का केंद्रीय कर्मचारी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वेतन आयोग की सिफारिशें क्या होंगी, ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन अभी से चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फॉर्मूले को लेकर है। आइए डिटेल में जान लेते हैं।
2.0 फिटमेंट फैक्टर की चर्चा
वैसे तो अभी तक 8वें वेतन आयोग ने फिटमेंट फॉर्मूले को तय नहीं किया है लेकिन 2.0 फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चा जरूर हो रही है। अगर भविष्य में 2.0 फिटमेंट फॉर्मूला लागू होता है तो मौजूदा बेसिक पे गणित के हिसाब से दोगुना हो जाएगा। हालांकि, कुछ लोगों को ये लग रहा है कि केंद्रीय कर्मचारी की ग्रॉस सैलरी भी दोगुनी हो जाएगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं है।
क्या है वजह?
दरअसल, बेसिक पे सरकारी कर्मचारी की मासिक सैलरी का सिर्फ एक हिस्सा होता है। ग्रॉस पे में महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे भत्ते भी शामिल होते हैं। कहने का मतलब है कि सरकारी कर्मचारी की मासिक सैलरी सिर्फ बेसिक पे से नहीं बनती है। ऐसे में बेसिक बढ़ने से ग्रॉस सैलरी में इजाफा होगा लेकिन यह दोगुना नहीं हो सकता है।
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए कि लेवल 6 के किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक पे ₹35,400 है। अगर 2.0 फिटमेंट फैक्टर से बेसिक पे बढ़कर ₹70,800 हो जाएगी। यानी इसमें 100% की बढ़ोतरी होगी। हालांकि, कर्मचारी की मौजूदा ग्रॉस सैलरी ₹35,400 नहीं है। X-कैटेगरी वाले शहर के लिए 60% DA और 30% HRA मान लें, तो दूसरे अलाउंस से पहले ग्रॉस सैलरी लगभग ₹67,260 होगी। अब मान लें कि नया वेतन ढांचा लागू होने पर DA को 0% से दोबारा शुरू किया जाता है और HRA को संशोधित बेसिक का 24% माना जाता है।
नया बेसिक पे: ₹70,800
HRA: ₹16,992
DA: ₹0
अनुमानित ग्रॉस: ₹87,792
कहने का मतलब है कि बेसिक पे भले ही दोगुनी हो जाए लेकिन इस उदाहरण में ग्रॉस सैलरी करीब 30.5% बढ़ती है। बता दें कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था और अभी यह कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और दूसरे संबंधित लोगों से राय ले रहा है। इसने दिल्ली में बातचीत की है और आने वाले हफ्तों में जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ का दौरा करने वाला है। फिटमेंट फैक्टर को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
7वें वेतन आयोग में क्या था फॉर्मूला
7वें वेतन आयोग ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर इस्तेमाल किया था लेकिन सरकार की कैलकुलेशन का मतलब यह नहीं था कि कर्मचारियों की कुल सैलरी में 157% की बढ़ोतरी होगी। इस फैक्टर का एक बड़ा हिस्सा मौजूदा DA को बेसिक पे में मिलाने से जुड़ा था। सरकार ने कहा था कि जब सिफारिशें लागू की गईं तो DA को ध्यान में रखने के बाद सैलरी और पेंशन में असल बढ़ोतरी कम से कम 14.29% थी।
